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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, Verse 6

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

नैकट्यातिशयाद्यद्वद्दर्पणं बिम्बवद्भवेत् । अभ्यासातिशयात्तद्वत्ते साहंकारतां गताः ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

अभिमान का अभ्यास अहंकार की दढता का हेतु है, इसे दृष्टान्त द्वारा दशति है । जैसे अत्यन्त निकटता होने के कारण दर्पण बिम्ब से युक्त हो जाता है वैसे ही कल्पना का अभ्यास होने के कारण वे अहंकार को प्राप्त हुए