Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 22, Verse 41
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 22, verse 41 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 22 · श्लोक 41
संस्कृत श्लोक
तमःप्रकाशकलनामुक्तः कालात्मतां गतः ।
यः सौम्यः सुसमः स्वस्थस्तं नौमि पदमागतम् ॥ ४१ ॥
हिन्दी अर्थ
सुषुप्ति, जाग्रत, स्वप्न
इन अवस्थाओं से मुक्त, मृत्यु का भी परम आत्मीय यानी मृत्यु से भी उद्विग्न न होनेवाला जो सौम्य,
समदुष्टि तथा तुरीयावस्था में स्थित है उस परमात्मपद को प्राप्त पुरुष को मैं नमस्कार करता हूँ