Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 16, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 16, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 16 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
बभूवतुः पितापुत्रौ तावथान्योन्यशोभितौ ।
निशावसानमुदितावर्कपद्माकराविव ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर वे
दोनों पिता-पुत्र रात्रि के अन्त मे प्रसन्न हुए सूर्य ओर कमल समूह की भाँति परस्पर सुशोभित हुए