Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, Verse 39
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, verse 39 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
कर्तव्यमेव नियतं केवलं कार्यकोविदैः ।
सुषुप्तिवृत्तिमाश्रित्य कदाचित्त्वं न नाशय ॥ ३९ ॥
हिन्दी अर्थ
व्यवहारचतुर पुरुषों को अपनी-अपनी उचित मर्यादा का अवश्य पालन करना चाहिये ।
आप तमोवृत्ति का अवलम्बन करके कदापि उसका नाश न कीजिये