Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, Verse 40
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, verse 40 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 40
संस्कृत श्लोक
क्व सा ज्ञानमयी दृष्टिः क्व महत्त्वं क्व धीरता ।
मार्गे सर्वप्रसिद्धेऽपि किमन्ध इव मुह्यसि ॥ ४० ॥
हिन्दी अर्थ
आपकी वह ज्ञानमयी दृष्टि
कहाँ, वह महत्त्व कहाँ, वह धैर्य कहाँ ? सब प्राज्ञ पुरुषों के परिचित मार्ग में भी आप अन्धे की नाई क्यों
मोह में पड़े है