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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, Verse 22

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, verse 22 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 22

संस्कृत श्लोक

यत्खड्गमण्डलोद्द्योतैः श्यामं बिम्बं विवस्वतः । कल्पदग्धजगद्धूमपर्याकुलमिवावभौ ॥ २२ ॥

हिन्दी अर्थ

उसके तलवार के मण्डल की चमक से काला हुआ सूर्य का प्रतिबिम्ब प्रलयकाल में जले हुए जगत के धुएँ से व्याकुल हुआ सा मालूम पड़ता था