Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 97, Verse 18
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 97, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 97 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
दशदिङ्मण्डलाभोगैरव्युच्छिन्नवपुर्हि यः ।
भूतात्मासौ य आकाशः पवनाब्दादिसंश्रयः ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
भूताकाशका लक्षण कहते है ।
दस दिक्मण्डलों में जिसका विशाल कलेवर व्याप्त है ओर जो वायु ओर मेघो का आश्रय
है, वह भूताकाश है