Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 17
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, verse 17 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
तमोराजसरूपेति तादृशैर्गुणबृंहितैः ।
पूर्वजन्मसहस्राढ्या पुरोजन्मशतैरपि ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
जो उत्पत्ति पहले के हजारों जन्मों से युक्त और आगे आनेवाले सैंकड़ों जन्मों से भी
मोक्ष के अयोग्य है, उसको इसीलिए उत्पत्तिविभाग जाननेवाले विद्वान् तामसतामसी कहते
हैं