Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 18
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
मोक्षायोग्या ततः प्रोक्ता तज्ज्ञैस्तामसतामसी ।
पूर्वं तु जन्मलक्षाढ्या जन्मलक्षैः पुरोऽपि चेत् ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
जो उत्पत्ति पहले लाखों जन्मों से युक्त है और आगे भी लाखों जन्मों से जिसमें
मोक्षप्राप्ति में सन्देह है, ऐसी उत्पत्ति अत्यन्ततामसी कहलाती है