Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
तादृक्कार्यानुमानेन प्रोक्ता राजससात्त्विकी ।
सैव चेदितरैरल्पैर्जन्मभिर्मोक्षभागिनी ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
आठवीं जीवजाति को दशति हैं ।
वही यदि उक्त मनुष्यजन्मों से भिन्न यक्ष, गन्धर्व आदि के जन्मों से क्रमशः ज्ञानप्राप्ति
द्वारा मोक्षभागिनी हो, तो उस प्रकार की उत्पत्ति को उसके ज्ञाता विद्वान् राजसराजरी
कहते हैं