Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 9, Verse 3
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 9, verse 3 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 9 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
ब्रह्मन्विदेहमुक्तस्य जीवन्मुक्तस्य लक्षणम् ।
ब्रूहि येन तथैवाहं यते शास्त्रदृशा धिया ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : ब्रह्मन्, विदेहमुक्त ओर जीवन्मुक्त का लक्षण आप मुझसे किये ।
जिससे कि मैं शास्त्ररूपी नेत्र से उत्पन्न की गई बुद्धि से वैसा ही होने के लिए प्रयत्न करूँ