Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 88, Verse 4
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 88, verse 4 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 88 · श्लोक 4
संस्कृत श्लोक
इत्युक्तोऽथ मया भानुः संचिन्त्य सुचिरं धिया ।
इदमत्र वचो युक्तमुवाच स महामुने ॥ ४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे महामुने, मेरे ऐसा कहने पर
भानु ने अपनी बुद्धि से चिरकाल तक विचार कर इस विषय में यह युक्तियुक्त वचन मुझसे
कहा