Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 73, Verse 46

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 73, verse 46 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 46

संस्कृत श्लोक

जीवसूची लोहसूचीं पिशाची शिंशपामिव । सर्वतो वलयामास वात्येवामोदलेखिकाम् ॥ ४६ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे पिशाची सेमर के वृक्ष को चारों ओर से व्याप्त कर लेती हे ओर जैसे आँधी सुगन्धि के लेश को व्याप्त कर लेती है, वैसे ही जीवसूचीने लोहसूची को सवशि से व्याप्त कर लिया