Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 64, Verse 24

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 64, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 64 · श्लोक 24

संस्कृत श्लोक

आत्मभूकलनात्मासौ यत्संकल्पयति क्षणात् । तत्स्वभाववशादेव जातमेव प्रपश्यति ॥ २४ ॥

हिन्दी अर्थ

बरह्मा की सत्यसंकल्पता में पूर्व कल्प के सत्यसंकल्प ब्रह्मा ही मैं हूँ यह उपासना हेतु है, ऐसा कहते है । पूर्वकल्प के सत्यसंकल्प ब्रह्मा की तादात्म्योपासना से उत्पन्न हुए ये ब्रह्मा जिस पदार्थ का संकल्प करते हैं, उसे तुरन्त अपने सत्यसंकल्पतारूप स्वभाव के कारण उत्पन्न हुआ ही देखते हैं