Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, Verse 61
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, verse 61 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 61
संस्कृत श्लोक
जित्वा रिपुं पुनरसौ यथा प्रहरते तथा ।
वारुणं विससर्जास्त्रं पूजयित्वा विदूरथः ॥ ६१ ॥
हिन्दी अर्थ
राजा विदूरथ ने आग्नेय अस्त्र को जीतकर
रिपु सिन्धु पर भी जैसे यह अरर प्रहार करे वैसे पूजा करके वारुणास्त्र का प्रयोग किया