Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 27, Verse 15
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 27, verse 15 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 27 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
इहैवान्तःपुरे तस्मिन्स मृतो मम भूपतिः ।
इहैवान्तःपुराकाशे तस्मिन्नेव पुरे नृपः ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
यहीं पर उस अन्तःपुर में मेरे पतिदेव राजा पद्म की मृत्यु हुई थी, इरी अन्तःपुराकाश
में उस नगर में वे राजा हुए