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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 119, Verse 12

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 119, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 119 · श्लोक 12

संस्कृत श्लोक

असदेव च सत्कार्यकरं भवति च स्थिरम् । बालानां मरणायैव वेतालभ्रान्तिसंभ्रमः ॥ १२ ॥

हिन्दी अर्थ

यदि कोई शंका करे, असद्‌ वस्तु की सत्कार्यकारिता ओर स्थिरता कहाँ देखी गई है ? तो इस पर कहते है। वेताल की भ्रान्ति से उत्पन्न हुआ भय, रोदन आदि बालकों के मरण के लिए होता हे ॥