Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 118, Verse 17
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 118, verse 17 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 118 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
ये हि राम महाभागाः सप्तमीं भूमिकां गताः ।
आत्मारामा महात्मानस्ते महत्पदमागताः ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, जो महापुरुष सातवीं भूमिका को
प्राप्त हो गये हैं, वे आत्माराम और महात्मा परम महत् पद को प्राप्त हो चुके हैं