Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, Verse 3
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, verse 3 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
वन्ध्यापुत्रो व्योमवनं नैवास्ति न भविष्यति ।
कीदृशी दृश्यता तस्य कीदृशी तस्य नास्तिता ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, वन्ध्यापुत्र ओर आकाशवन न तो इस समय हैं ओर न आगे होगे । फिर उनकी
केसी दृश्यता ओर केसी नास्तिता २