Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 19, Verse 27

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 19, verse 27 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

मुमुक्षु-व्यवहार प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 27

संस्कृत श्लोक

मनोयन्त्रस्य चलने कारणं वेदनं विदुः । प्रणालीदारुमेषस्य रज्जुरन्तर्गता यथा ॥ २७ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे काठ की नाली के भीतर लकड़ी के बने हुए दो भेड़ों को परस्पर भिड़ाने में भीतर रक्खी हुई और भीतर से खींची जाती हुई रस्सी कारण है वैसे ही मनरूपी यन्त्र के चलने में विषयों की स्फूर्ति कारण हे