Yoga Vasistha — Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 19, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 19, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
मुमुक्षु-व्यवहार प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
यया कयाचिद्युक्त्या तु बोद्धव्यं बोध्यमेव ते ।
युक्तायुक्तं न पश्यन्ति व्याकुला बोधचञ्चवः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, आपको जिस किसी भी
युक्ति से ज्ञातव्य पदार्थ का ज्ञान अवश्य प्राप्त करना चाहिए, जो लोग बोधचंचु (अपूर्णबोध)
हैं, वे परपक्ष खंडन में ही व्याकुल रहते हैँ, अतएव युक्त और अयुक्तका विचार नहीं कर
सकते