Yoga Vasistha — Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 12, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 12, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
मुमुक्षु-व्यवहार प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
इह हि ।
विकौतुका विगतविकल्पविप्लवा यथा स्थिता हरिहरपद्मजादयः ।
नरोत्तमाः समधिगतात्मदीपकास्तथा स्थिता जगति विशुद्धबुद्धयः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
उनकी स्थिति कैसी है ?
इस लोक में कौतुकरहित (कौतुक से-विषय के दर्शन और उपभोग में उत्साह से-शून्य) ,
विविध विकल्पों से होनेवाले चित्तविक्षेपों से भी रहित, आत्मरूपी दीपक जिन्हे प्राप्त हो गया
है, अतएव विशुद्ध बुद्धिवाले नरश्रेष्ठ जगत् में इस प्रकार पूर्णकामरूप से स्थित हैं, जिस प्रकार
कि हरि, हर और ब्रह्मा आदि देवता स्थित हैं