Yoga Vasistha — Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 10, Verse 10
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 10, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
मुमुक्षु-व्यवहार प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
केनोक्तं कारणेनेदं ब्रह्मन्पूर्व स्वयंभुवा ।
कथं च भवता प्राप्तमेतत्कथय मे प्रभो ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा :
भगवन्, सृष्टि के आरम्भ में भगवान् ब्रह्माजी ने किस लिए यह मोक्षकथा कही थी ओर यह
कैसे आपको प्राप्त हुई, यह कृपाकर मुझसे कहिए