Vairagya Prakarana (Dispassion) · Sarga 4
8 verse-groups
- Verses 1–2पुत्र) स्वर्ग मेँ (अमरावती में) प्रवेश करता है वैसे ही अपने घर में प्रविष्ट हुए । तदुपरान…
- Verse 3मित्रों ने भाइयों ने, पिता ने और ब्राह्मणों ने श्रीरामचन्द्रजी को बार बार आलिंगन किया । आ…
- Verse 4महाराज दशरथ के घर में श्रीरामचन्द्रजी के बाँसुरी की कोमल ध्वनि के समान मधुर प्रियवचनों से…
- Verse 5श्रीरामचन्द्र के शुभागमन के उपलक्ष में आठ दिन तक बराबर आनन्दपूर्वक उत्सव होता रहा । उक्त…
- Verse 6तवसे श्रीरामचन्द्रजी भाँति-भाँति के देशाचारों का इधर उधर वर्णन करते हुए घर में ही सुखपूर्…
- Verses 7–9श्रीरामचन्द्रजी नित्य प्रातःकाल शय्या का त्याग कर, विधिपूर्वक स्नान, सन्ध्या आदि कर्म करक…
- Verse 10वहाँ से घर लौटकर स्नान आदि कर्म कर तथा मित्र ओर बन्धुओं के साथ भोजन कर मित्रों के साथ रात…
- Verses 11–12श्रीरामचन्द्रजी तीर्थयात्रा से लौटकर लक्ष्मण और शत्रुघ्न के साथ प्रायः इस प्रकार की दिनचर…