Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 3, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 3, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 3 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
अशेषेण परित्यागो वासनानां य उत्तमः ।
मोक्षं इत्युच्यते ब्रह्मन्स एव विमलक्रमः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
उपासना आदि अन्य उपायों से प्राप्त होनेवाले सालोक्य आदि और भी मोक्ष हैं, उनसे निवृत्ति
क्यो नहीं होगी ?
हे ब्रह्मन्, निःशेषरूप से वासनाओं का (जन्म के बीजों का) जो परित्याग (मूलोच्छेद) है, वह
उत्तम (मुख्य) ([--)) मोक्ष कहा जाता है । उक्त मुख्य मोक्ष को अविद्यारूप मल से रहित ज्ञानी ही
प्राप्त कर सकते हैं, अन्य नहीं