Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 94, Verse 74
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 94, verse 74 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 94 · श्लोक 74
संस्कृत श्लोक
सर्वा एव चिदाकाशरूपिण्यो भूतजातयः ।
आतिवाहिकदेहिन्यः पृथ्व्यादिरहितात्मिकाः ॥ ७४ ॥
हिन्दी अर्थ
शिलारूपता की उत्प्रेक्षा करने के बाद अब भ्रूतजातियों में प्रसक्त भौतिकता का कारण
करते हैं /
हे श्रीरामचन्द्रजी, वास्तव में तो सभी भूतजातियाँ पृथिवी आदि पंचभूतों से रहित स्वरूपव्यापी
मनोरूप सूक्ष्मदेह से युक्त चिदाकाश रूप ही है