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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 90, Verse 21

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 90, verse 21 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 90 · श्लोक 21

संस्कृत श्लोक

परमाणुमये सर्गे पिण्डरूपेष्वलक्षितम् । स्थितमन्तःपदार्थेषु ब्रह्मणैवाखिलात्मना ॥ २१ ॥

हिन्दी अर्थ

परमाणुमय सृष्टि में यानी पिपीलिका आदि परमसूक्ष्म देहात्मक सृष्टि में तत्‌-तत्‌ प्राणियों के पिण्डरूप एवं उनके भीतर के परम सूक्ष्म नाड़ीरूप पदार्थों में सूक्ष्म-जलरूप बनकर मैं सर्वात्मा ब्रह्म की तरह स्थित रहा