Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 87, Verse 61
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 87, verse 61 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 87 · श्लोक 61
संस्कृत श्लोक
ग्रामगह्वरपर्वाढ्यं पातालसुषिरोदरम् ।
कुलाचलभुजाश्लिष्टद्वीपाब्धिवलयान्वितम् ॥ ६१ ॥
हिन्दी अर्थ
मैं अनेक गाँव गुफारूपी पर्वा से परिपूर्ण, पातालबिलरूपी उदर से युक्त, सात
कुलपर्वतरूपी भुजाओं से आश्लिश्ट द्वीप तथा समुद्ररूपी कंकणों से अन्वित भूषीठ हो गया