Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 86, Verse 49
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 86, verse 49 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 86 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
क्वचिद्भारतयुद्धेन निहताक्षौहिणीगणम् ।
श्रीराम उवाच ।
किमहं भगवन्पूर्वमभवं कथयेति मे ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
कहीं छोटे बालक रामजी के द्वारा रावण मारा जा रहा था“ यह चुनकर आशचर्यवकित हुए
श्रीरामजी प्रश्न करते हैं /
श्रीरामजी ने कहा : भगवन्, क्या मैं पहले उत्पन्न हुआ था, यदि उत्पन्न हुआ था, तो क्या
इन्हीं अवयवों से उत्पन्न हुआ, या दूसरे अवयवों से, यदि इन्हीं से उत्पन्न हुआ तो यह कैसे संभव
है ? यह मुझसे कहिये