Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 79, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 79, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 79 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
वासनायां विलीनायामदर्शनमुपागताः ।
स्वप्नलोकाः प्रबुद्धानामिव स्वं रूपमागताः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
वास्रनाकल्पित रुप का नाश हो जाने से वही उनकी वास्तवस्वरूप की प्राप्ति है, इस आशय
से कहते हैं ।
वासना के विलीन हो जाने पर वे अदर्शन को प्राप्त होकर अपने विशुद्ध ब्रह्मस्वरुप में ऐसे आ
गये, जैसे प्रबुद्ध-जागे हुए प्राणियों के स्वप्नकाल के लोक