Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 66, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 66, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 66 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
द्वीपाब्धिशैलैर्भूपीठं विमाननगरैर्नभः ।
देत्यदानवनागौघैः पूर्णं पातालमण्डलम् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
वहाँ पर भी यहाँ के सदश ही पृथ्वी आदि लोक द्वीप, पर्वत आदि से भरे हैं; यह कहती हैं /
वहाँ पर भी यहाँ के सदृश भूमि, द्वीप, सागर और पर्वतों से आकाश विमानों के संनिवेश
जैसे रचित नगरों से तथा पातालमण्डल दैत्य, दानव एवं नागों के समूहों से पूर्ण है