Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 191, Verse 38
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 191, verse 38 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 191 · श्लोक 38
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : भगवन्, आप सरीखे जीवन्मुक्त पुरुषों के इस सकलजगद्भ्रम के शान्त
होने पर इस अध्यात्मशास्त्ररूप शब्दसम्पत्ति से उपदेशयोग्य हम लोगों के उपदेश कायप्रवेश, शक्तिपात
आदि द्वारा प्रबोधनरूप व्यवहार मेँ क्या कारण हे ? यह किये