Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 179, Verse 50

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 179, verse 50 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 179 · श्लोक 50

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

इस कथन से कथं सचेतना एते काष्ठलोष्टोपलादयः” इस प्रश्न का भी समाधान हो गया, इस आशय से कहते हैँ । संकल्प से विरचित सृष्टि में यदि पत्थर चेतन नहीं हैं, तो इस सृष्टि में ढेले, पत्थर, चट्टान आदि क्या हैं यह कहिये ?