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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 13, Verse 28

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 13, verse 28 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 13 · श्लोक 28

संस्कृत श्लोक

तत्पुत्रोऽपि तथैवाथ कृत्वा राज्ये सुतं निजम् । जगाम जीवितस्यान्ते पावनं परमं पदम् ॥ २८ ॥

हिन्दी अर्थ

उस कुन्द का भी लड़का अपने पिता के ही समान बहुत वर्षो तक राज्य करके अपने पुत्र को राज्यसिहासन पर बैठाकर जीवन के अन्त में परमपावन पद को प्राप्त हो गया