Guru's AddaGuru's Adda

Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1) · Sarga 89

6 verse-groups

  1. Verses 1–7तोड़ने में प्रयत्न करने लगा ओर मुख के उन्नत आघातं से घण्टी के सदुश ध्वनि करने लगा
  2. Verses 8–11दो मुहूर्तो में बड़ प्रयत्न से उस हाथी ने अपने उन समर्थ दो दाँतों से उस श्रृंखलाजाल को उस…
  3. Verses 12–28सामने गिरे हुए उस शत्रु को देखकर महान्‌ हाथी करुणा से भर गया, क्योकि तिर्यक्‌ योनियों मेँ…
  4. Verse 29इसलिए बुद्धिमान्‌ पुरुष को इसी समय शास्त्रीय पुरुषप्रयत्नं से दुःखोत्पादक बीजों को दूर कर…
  5. Verse 30जब तक सव दुःखो का मूल अज्ञान नष्ट नहीं होता, तब तक सैकड़ों प्रयत्नो से किया गया दुःख विना…
  6. Verse 31इससे अज्ञान ही मूलभूत बन्ध है, उसकी निवृत्ति अद्वितीय आत्मतत्त्वज्ञान से ही होती है, यह द…