Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 24, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 24, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 24 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
रक्तमांसवसादिग्धं स्नायुसंततिवेष्टितम् ।
स्थूलास्थिकाष्ठसंबद्धं सुकुडयं सुसमाहितम् ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
रक्त मांस और वसारूपी मानों जल, मृतिका एवं गोबर से वह उपलिप्त
है, शिरारूपी रज्जु-समूह से वह बाँधा गया है, स्थूल हड्डियाँरूपी धरनें उसमें लगाई गई हैं और उसकी
दीवार मजबूत हे, अतएव वह अत्यन्त सुस्थिर है