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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 2, Verse 11

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 2, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 2 · श्लोक 11

संस्कृत श्लोक

विवेश सा सभा सौम्या कृतान्योन्याभिवन्दना । बभौ राजसमाभोगा शान्तवातेव पद्मिनी ॥ ११ ॥

हिन्दी अर्थ

एक दूसरों का परस्पर अभिवादन करके सभा बैठ गई, उस समय राजाओं के अनुरूप आकार प्रकारवाली सौम्य वह सभा उस प्रकार सुशोभित हुई, जिस प्रकार वायु के शान्त हो जाने पर कमलिनी सुशोभित होती है