Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 13, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 13, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 13 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
एको योगस्तथा ज्ञानं संसारोत्तरणक्रमे ।
समावुपायो द्वावेव प्रोक्तावेकफलप्रदौ ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
संसारसागर से पार उतरने की पद्धति में एक योग अर्थात् प्राणनिरोध और दूसरा ज्ञान-ये दोनों
एक फल देनेवाले समान उपाय हैं, यों मुनियों द्वारा कहा गया है