Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
क्व भ्रमत्पवनापूरास्तडित्पटलपाटलाः ।
पुष्करावर्तजलदा गृहीता बालमुष्टिभिः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे अघशून्य श्रीरामजी, शोधित त्वंपदार्थरूप संवित्-तत्त्व में ध्यानसम्पन्न होकर यदि स्थित
रहते हैं तो और कुछ ऊँचे अधिक प्रयत्न से उक्त पद प्राप्त करेंगे