Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 41
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, verse 41 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 41
संस्कृत श्लोक
कदम्बचूतजम्ब्वाम्रकिंशुकाशोकशाखिषु ।
जपातिमुक्तसौवीरबिम्बपाटलजातिषु ॥ ४१ ॥
हिन्दी अर्थ
पर्वत-
प्रान्तों मे फल और पत्तों का भक्षण कर रहे वे अत्यन्त मुग्धबुद्धि एवं भीरु होकर बिचारे हरिणो की
नाईं इधर-उधर परिभ्रमण किया करते हैं