Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 10
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
क्व विषोल्लासनिर्यासदग्धोन्नतवनद्रुमाः ।
क्षुधिताजगराः क्षुब्धैर्निगीर्णा बालदर्दुरैः ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
क्या यह उपाय पहले बतलाए गये उपायों से सरल है ? नहीं” यह कहते हैं ।
श्रीरामजी, पूर्व में प्रदर्शित प्रयत्नो की अपेक्षा यह प्रयत्न अत्यन्त कठिन कहा गया है, क्योकि
वासना का परित्याग सुमेरु पर्वत के उन्मूलन से भी अधिक दुष्कर है