Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, Verse 108
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, verse 108 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 92 · श्लोक 108
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, एकमात्र सामान्य
सत्तात्मक ही समस्त जगत् है, इस प्रकार की भावना करते हुए आप परिपूर्ण आनन्द से युक्त तथा
सब दिशाओं ओर उनमें स्थित पदार्थो को व्याप्त करनेवाले हो जाइए