Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 91, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 91, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
किं बीजमथ बीजस्य तस्य किं बीजमुच्यते ।
अथ तस्यापि किं बीजं बीजं तस्यापि किं भवेत् ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
तब किस तरह की चित्त सत्ता है 2 उसे कहते हैं।
हे श्रीरामजी, जिसका बाध नहीं हुआ है, उस अज्ञान से उत्पन्न हुई वासनाओं से व्याप्त जो
जन्मकारण मन है, वही विद्यमान मन है, यह आप जानिए । वह विद्यमान मन केवल दुःख का ही कारण
हे