Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 91, Verse 27
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 91, verse 27 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
चित्तोपशान्तिफलदं परमं साम्यकारणम् ।
सुभगं संविदः स्वास्थ्यं प्राणसरोधनं विदुः ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
न तेज (मायिक सत्त्ववृत्ति) है, कुछ
तम (मायिक तमोवृत्ति) है, न सन्ध्या है, न दिन है, न रात है, न दिशाएँ हैं, आकाश है, न नीचा
प्रदेश है ओर न अनर्थरूपता है