Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 83, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 83, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 83 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
महत्यां मोहयामिन्यामुल्बणोऽज्ञानकौशिकः ।
श्मशान इव वेतालः परिवल्गति हृद्द्रुमे ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
निरंकुश चक्षुआदि इन्द्रियों
से सम्बद्ध संभ्रमरूप अनेकविध विषयस्वरूपों को लेकर मन निरन्तर उस प्रकार नृत्य करता है, जिस
प्रकार करतल से विताडित गेंद नृत्य करता है