Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 49
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, verse 49 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
द्विविधा मुक्तता लोके विद्यते देहधारिणाम् ।
सदेहैका विदेहान्या विभागोऽयं तयोः श्रृणु ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, आशा जिसके हृदय में अपना स्थान कभी नहीं जमा सकती, ऐसे सम्पूर्ण त्रिभुवन
को तृण के सदुश समझनेवाले उस महात्मा की उपमा किससे दी जा सकती हे ?