Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 38
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, verse 38 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 38
संस्कृत श्लोक
असत्ये सत्यता साधो शाश्वती परिलक्ष्यते ।
शून्येन ध्यानयोगेन शाश्वतं पदमाप्यते ॥ ३८ ॥
हिन्दी अर्थ
समस्त
आरम्भों का (लौकिक, वैदिक कर्मो का) परित्याग करनेवाला, समस्त उपाधियों से वर्जित तथा समस्त
आशाओं को तिलाजंलि देनेवाला पुरुष जीवन्मुक्त कहा जाता है