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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 19

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 19

संस्कृत श्लोक

मुक्तयापि गले बद्धो गौर्या गौरस्त्रिलोचनः । संशुद्ध इव मुक्तानां हारः शशिकलामलः ॥ १९ ॥

हिन्दी अर्थ

हे रामजी, जैसे जिसका स्वरूप जान लिया गया हो, ऐसी चाण्डाल-कन्या ब्राह्मणों की पंक्ति में से भाग जाती है, वैसे ही जिसका तात्िक स्वरूप जान लिया हो, ऐसी अविद्यारूषी वासना भाग जाती है और नष्ट हो जाती हे