Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 74, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 74, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 74 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
मोक्षो मेऽस्त्विति चिन्तान्तर्जाता चेदुत्थितं मनः ।
मननोत्के मनस्युच्चैर्वपुर्दोषाय केवलम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
ये आगे कही जानेवाली दो अहंकार की दृष्टिर्यो सात्विक और अत्यन्त निर्मल हैँ,
उनकी तत्त्वज्ञान से प्रवृत्ति होती है, वे मोक्ष को देनेवाली तथा पारमार्थिक है