Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, Verse 36
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, verse 36 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 36
संस्कृत श्लोक
सकलाशास्वसंसक्त्या यत्स्वयं चेतसः क्षयः ।
स मोक्षनाम्ना कथितस्तत्त्वज्ञैरात्मदर्शिभिः ॥ ३६ ॥
हिन्दी अर्थ
दुःखरूपी बीमारी से वर्जित दृश्य ओर ऐन्द्रियक वृत्तियों के सम्बन्ध से
जनित सुखानुभव, यदि क्षय ओर अतिशय से यानी पुण्य के तारतम्यसे जनित वृत्तिनाश ओर वृत्ति
वैशद्य के उत्कर्ष से होनेवाले क्षय ओर अतिशय से शून्य हो जाय, तो वह मुक्तिस्वरूप हो जाता है,
ऐसा विद्वान् लोग कहते हैं